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‘माओवादियों को अन्य संघर्षों से सबक लेना चाहिए’

Posted by chimeki on October 21, 2011


नई दिल्ली में डॉ बाबुराम भट्टाराई

चार दिवसीय भारत दौरे पर आये नेपाल के प्रधान मंत्री डॉ. बाबुराम भट्टाराई ने एक कार्यक्रम में कहा कि नेपाल को एक नए तरह के लोकतंत्र की जरूरत है. नेपाल में हम लोकतंत्र के नए मॉडल का निर्माण करना चाहते है. उन्होंने कहा कि एक मार्क्सवादी और माओवादी होने के नाते मै यह मानता हूँ कि हम मार्क्सवादी सामान्य तौर पर बहुत जड़सूत्रवादी और संकुचित विचार के होते है. हम अन्य प्रकार के आन्दोलनों से सबक नहीं लेते जबकि आज इस बात की जरूरत है कि हम दुनिया भर में चल रहे आंदोलन और खासतौर पर दक्षिण एशिया में चल रहे विभिन्न प्रकार के आंदोलन से सबक लें. हमें दक्षिण एशिया के विचारकों से सीखने की जरूरत है.

डॉ भट्टाराई ने कहा कि दक्षिण एशिया के संदर्भ में ‘जन सार्क’ के निर्माण की पहेल होनी चाहिए. जिसकी एक कोशिश उनकी पार्टी ने दस साल पहले की थी. उन्होंने आगे कहा कि भारत और नेपाल की जनता को एकताबद्ध होने की आवशकता है. और उसे उन लोगों से सतर्क रहना चाहिए जो दोनों के बीच दरार पैदा करना चाहते है. इस अवसर उन्होंने कहा कि एक मनुष्य के नाते वे सभी लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि वे हमेशा वर्ग, जातीय और लैंगिक अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष के साथ खड़े है.

इस कार्यक्रम का आयोजन साउथ एशियन फोरम फॉर पीपल्स इनिशिएटिव और समकालीन तीसरी दुनिया ने संयुक्त रूप से किया था. कार्यक्रम में बोलते हुए तीसरी दुनिया के संपादक आनंद स्वरुप वर्मा ने कहा कि डॉ बाबुराम भट्टाराई दुनिया भर की संघर्षशील जनता का प्रतिनिधित्व करते है. यह कर्यक्रम केवल प्रधान मंत्री भट्टाराई का स्वागत कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह नेपाल की क्रांतिकारी जनता का स्वागत कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि नेपाल एक भीषण संक्रमण के दौर से गुजर रहा है और अभी तक वहां अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. शांति और संविधान नेपाल की सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि वहां की प्रतिगामी शक्तियां नहीं चाहती कि नेपाल की सामाजिक स्थिति में आमूल परिवर्तन आये.

श्री वर्मा ने कहा कि आज का दौर पूँजीवाद के संकट का दौर है और जो आग अरब से शरू हुई थी वह आग यूरोप और अमरीका तक पहुँच गई है. और दक्षिण एशिया इससे अधिक दिनों तक अछूता नहीं रह सकेगा. उन्होंने कहा कि यदि नेपाल का संघर्ष अपने तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुँचता तो इसका असर सभी पर पड़ेगा इसलिए हम डॉ बाबुराम और उनके साथियों को बड़ी उम्मीद से देख रहे है.

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि हमे विश्वास है कि नेपाल में जल्द ही एक नया संविधान बनेगा और आप एक बार फिर प्रधान मंत्री बनेंगे लेकिन आपको हमेशा यह याद रखना चाहिए कि किसी भी देश की सरकार के लिए यह ठीक नहीं है कि वह बदलाव की आवाज को न सुने. नेपाल की आपकी सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नेपाल में हमेशा ‘स्टेट्स को’ न बना रहे. उन्होंने कहा कि नेपाल आज दक्षिण एशिया की जनता की आशा का केन्द्र है.

कार्यक्रम के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि डॉ भट्टाराई के दौरे को दोनों देशों की जनता बड़े अरमानों के साथ देख रही है. जनता का अरमान है कि दोनों देशों के संबंध मजबूत हों. नेपाल में जो परिवर्तन आया है वह किसी एक पार्टी के जरिये नहीं आया है इसलिए सभी पार्टियों को मिलकर प्राप्त उपलब्धियों को बचाना होगा. उन्होंने कहा कि नेपाल की माओवादी पार्टी पर जनता ने भरोसा किया है और इसलिए इस धरोहर को बचाने की जिम्मेदारी माओवादी पार्टी की है. नेपाल की सभी पार्टियों की जिम्मेदारी है कि वे नेपाल की शांति प्रक्रिया का काम पूरा करें और जनता की बेचैनी को विराम दें.

कार्यक्रम का सञ्चालन साउथ एशियन फोरम फॉर पीपल्स इनिशिएटिव के संयोजक सुधीन्द्र भदोरिया ने किया और धन्यवाद प्रस्ताव के.सी. त्यागी ने पढ़ा.

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